Note No. 25
कई बार मैं बहुत कुछ जताने से रह जाता हूँ... शब्दों से कह पाना मेरे लिए मुश्किल हो जाता है, क्योंकि मैं हर बात शब्दों के जरिये कहने में विश्वास नहीं करता।सामने वाले से मेरी ये उम्मीद रहती है कि वो मेरी बात को या तो सीमित शब्दों में समझ ले या कभी स्थितिवश बिन कहे ही मेरे इरादे को महसूस कर जाये...लेकिन ऐसा कहाँ हो पाता हैं..!,जिसे देखो वो शब्दों के अनसुलझे बवण्डर में उलझा रहता हैं..!
©SD. Arya

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