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पिता कठोर हो सकता हैं लेकिन उनका प्यार हमेशा कोमल और सौम्य होता है, जो अदृश्य है।

                                   🌼5️⃣0️⃣🌼              ' पिता ' , हमारी जर्जर हो चुकी जिंदगी का वो सख्त सहारा होता हैं, जो लगता तो बड़ा ही कटु और कष्ट कारक हैं, पर उसी कटुता में हमारा पक्ष और उत्थान निहित रहता हैं। हमें उसका मूल्य तब समझ नहीं आता, और उनकी वो सख्ती दुःखदायी ही लगती हैं।               जब पिता को लगता हैं कि उसका बेटा राह से भटक रहा हैं, तब वह अपने दायित्व को अदा करता है और अपने बेटे को सही पथ पर लाने के लिए विविध, अप्रत्यक्ष और अनन्य प्रयासों में जुट जाता हैं। वो तब भी अपने पुत्र से उतना ही प्यार करता हैं, जितना कि वह हमेशा से करता आया था...मगर अब वो पुत्र के प्रति अपने प्यार को जाहिर नहीं कर पाता हैं...वो उसकी फिक्र करता हैं, उसके बारे में सोचता रहता हैं, उसमें अपने सपनों को साकार होता हुआ देखना चाहता हैं तथा वह चाहता हैं कि तुम अपने हिस्से की तमाम उपलब्धियों को हासिल करो और इस तरह वो तुम्हें लेकर अक्...

वे आपको बाधाओं के रूप में छोड़ने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

                                  ✴️4️⃣9️⃣✴️                                                                    कितना अजीब है...कि किसी कार्य क्षेत्र विशेष में वे लोग जो तुम्हारे गिर्द रहते हैं...वे अंतर्मन से कभी तुम्हारे नहीं होते...वे अनचाहे ही तुमसे बेवजह ईर्ष्या भाव रखते हैं । वे तुम्हें चाहने का ढोंग अदा करते हैं, तुम्हारे करीब रहके एक सूखी व बनावटी हंसी हंसते हैं...और इस प्रकार वो कभी नहीं चाहते कि तुम अपने असल मकसदों को पूरा कर सको...वे बाधा बनकर तुम्हें गिराने की ताक में हमेशा तत्पर रहते हैं ।                      चूंकि तुम सच्चाई की राह पर निरंतर अग्रसर हो तथा तुम्हारे प्रति उनका इस तरह का बर्ताव अथवा व्यवहार किसी भी तरह उचित नहीं हैं...तुम्हारे साथ ऐसा रवैया ...