It's my personal Diary blog . I want to share my Diary with public.
Note No. '42' अपने गाँव से कक्षा पाँचवीं (जिला बोर्ड) की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मेरा चयन संभाग स्तरीय शासकीय प्रतिभावान आवासीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उज्जैन में हुआ। यह चयन मेरे जीवन का पहला बड़ा मोड़ था—एक ऐसा मोड़, जहाँ उत्साह से अधिक अनजानी आशंकाएँ मेरा इंतज़ार कर रही थीं। जब मैं पहली बार उस विद्यालय परिसर में पहुँचा, तो सबकुछ अपरिचित और कुछ हद तक वियोजित-सा लगा। नया स्कूल, नए शिक्षक, नए चेहरे और एक बिल्कुल अलग वातावरण—मानो मैं अपने परिचित संसार से अचानक बहुत दूर आ गया हूँ। मुझे वहाँ छोड़ने मेरे बड़े भाई आए थे। जब तक वे मेरे साथ रहे, तब तक मैं स्वयं को संभाले रहा; लेकिन जैसे ही वे लौटे, मेरे भीतर का साहस जैसे उनके साथ ही चला गया। उस रात मैं सो नहीं पाया। मैंने तकिए को अपने चेहरे से सटा लिया और चुपच...