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नवंबर, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

साहस ही समृद्धि को इंगित करता हैं

          note No. 105                    पैसा पाने के लिए इंसान में बहुत सी बड़ी बातों और विलक्षण गुणों का होना अत्यंत आवश्यक हैं और इसके लिए बहुत मेहनत लगती हैं...सिर्फ़ बड़ा बिजनेस बना लेने से ही कोई धनवान नहीं बन जाता हैं, अपितु व्यक्ति समृद्ध तभी माना जा सकता हैं, जबकि वो बिजनेस को अच्छे इरादों से और दातव्यता की भावना से संचालित करता हैं...व्यवसाय में व्यक्ति तभी सफल होगा जब उसका, व्यवसाय की समूची गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रहता हो...उसे व्यवसाय की जड़ों की समझ हो।...महान उद्यमी बड़े – बड़े उपक्रमों के रचना संसार को निर्मित, विकसित और उत्पादित करता हैं...उनमें जोखिमों को वहन करने का अदम्य साहस होता हैं...साहस ही सही समृद्धि को इंगित करता हैं...और समृद्ध इंसान की जड़ें बहुत गहराई में बहुत मजबूती से जमी होती हैं, जिससे उसका आधार कभी नहीं डिगमिगाता चूँकि आधार शक्तिशाली होता हैं तो उसपर कितना ही भार लाद तो वो सुगमता से वहन कर ही लेता हैं !                     ...

"मेरे पिता आर्थिक मामलों में कभी आगे नहीं बढ़ पाए... उन्होंने अपनी तमाम उम्र अभावों में रहकर ही गुजार दी थी"

                      Note No. 104         शायद मुझे अच्छे से तो याद नहीं... हां मगर फिर भी मुझे बहुत कुछ याद हैं । ... मसला ये था कि मेरी मां मेरे पिताजी से उनके आर्थिक अभावों और उनकी नाकामियों को लेकर अक्सर शिकायतें करती रहती थी । ... और ये स्थिति मेरे जन्म के पूर्व और अधिक बलवती होगी... इसमें कोई संदेह नहीं !                मुझे याद हैं... मां, पिताजी से अधिकांश मौकों पर आर्थिक तंगी को लेकर झगड़ती रहती थी और मेरे पिताजी हमेशा की तरह मां को झूठी सांत्वना दिया करते थे कि सबकुछ ठीक हो जायेगा...वो कहते...कोई न कोई रास्ता या समाधान निकल ही जाएगा...। मगर मेरी मां को शायद ये अच्छे से विदित था कि मेरे पिता के माध्यम से कभी कोई हल नहीं निकलने वाला था ।  Campus Men's CESTER (N) Running Shoes https://amzn.eu/d/5G9qL2x                 मेरे पिता कभी पैसों के मामले में प्रसिद्धि हासिल नहीं कर पाए...उन्होंने अपनी तमाम उम्र आर्थिक अभावों...

सचमुच बेहद तकलीफ होती हैं, जब हमारे ख़्वाब सहसा टूटकर बिखर जाते हैं 😔

                   Note No. ‘103’         किसे पता होता हैं कि उनके जीवन में एक दिन ऐसा भी आएगा, जो उनके सारे सपनों को चकनाचूर करके आगे निकल जाएगा। सचमुच जब किसी के सुंदर ख्वाब अचानक से टूट जाते हैं, तो बेहद तकलीफ़ होती हैं...लोग बेतहाशा निराशाओं से घिर जाते हैं । जब ज़िंदगी उनकी खुशनुमा इच्छाओं और आशाओं के मुताबिक नहीं चल पाती हैं...और ऐसे हालात उन्हें गमगीन कर देते हैं ।                किसी भी शख्स के लिए, जो सपनों को शिद्दत से जीता हैं, उसके लिए उसके ख्वाब बेहद अनमोल होते हैं ।...और उन ख्वाबों में किसी का कितना कुछ मूल्यवान विद्यमान रहता हैं तथा ऐसे में वही ख़्वाब, जो किसी की बेहतरीन जिंदगी का आवश्यक हिस्सा बन सकते थे, जब सहसा बड़ी बेरहमी से टूटकर बिखर जाते हैं, तो असहनीय पीड़ा होती हैं तथा उसका जो मलाल होता हैं वो अत्यंत कष्टकारी होता हैं...!!😔                                     ...

वहां का पूरा माहौल अत्यंत शोकपूर्ण हो चुका था l Hindi Heart Touching Line

                                        Note No. ‘102’                  ये लगभग तब की बात हैं, जब शायद मेरे दूध के दांत गिर रहे होंगे...और उस वक्त मैं अपने मामा के घर था ।...ये एक हादसा था, जो किसी के लिए भी अत्यंत कष्ट कारक और दर्दनाक था ।                उस दिन मैं अपनी मां और नानी के साथ खेतों पर था । वहां नजदीक ही एक कम गहरा, छोटा और फिसलन भरा कुआं था, जिसमें लोग अक्सर उतरकर आसानी से पानी भर लिया करते थे । उस दिन मेरी मां और नानी के साथ कुछ महिलाएं खेतों में काम कर रही थी। और उसी दिन गांव के दो लड़के, जो लगभग मेरे जितने ही थे, उस कुए के गिर्द खेलने आ गए थे और उन्हें देखकर मैं भी उनके साथ खेलने के लालच में उनके पास आने लगा। मगर मेरे वहां पहुंचने के पहले ही उनमें से एक लड़का कुए में उतर चुका था और फिसल कर कुए में गिर गया था...मैंने उसे डूबते हुए देखकर चीखना – चिल्लाना शुरू कर दिया था । मैं जोरों से आवाज ...

तमाम विसंगतियों से परे...तुम अपना सर्वोच्च मकसद चुन सकते हो

                   Note No. '101'                 वही करो जो तुम्हें सही लगता हो...और जो वास्तव में सही भी हो।                                                                                हम जो कुछ भी करते हैं उसपर लोग ऊंगली उठा सकते हैं...हमें उसके लिए बीच में टोक सकते हैं, क्योंकि शायद उनके लिए हमारा उठाया गया सही कदम भी सही ना लगता हो। ये हो सकता हैं वो तुम्हारे सच्चे और बुलंद इरादों को ना समझ पाएं या वे समझने की कोशिश ही ना करते हों अथवा ये भी हो सकता हैं कि उनमें हमारे सही कदमों के प्रति द्वेष की भावना हो...और इस तरह पता नहीं उनकी जाने किस तरह की मैली मानसिकता रहती हैं।...और ये उन लोगों की समस्या हैं कि वे किसी की सर्वोच्च–हितकारी भावनाओं और कामों को समझ नहीं पाते...उनका जमीर ही ऐसा होता हैं कि ...

हम कभी इतने बुरे नहीं होते, कि एक अच्छी शुरूआत ना कर सके!

  Note No. *100*              हम कभी इतने बुरे नहीं होते कि एक अच्छी शुरुआत नहीं कर सकते...ठीक उस फुटबालर की तरह, जिसके बचपन में उससे नादानी वश हुई गलती से उसके मित्र की मौत हो जाती हैं...और मित्र की मौत का जिम्मेदार वो खुद को ठहराता हैं...बहुत लंबे समय तक वो ये हादसा भूल नहीं पाता हैं और मन ही मन खुद को कोसता हैं, उसे इसका दर्द सालता रहता हैं...वो खुद को बहुत बुरा समझ लेता हैं और हरवक्त दुःखी रहता हैं...और तब, जब उसे वाकई किसी के सहारे की ज़रूरत थी...उसके पिता उसके सच्चे हमदर्द साबित होते हैं...और अंततः वही लड़का, जो बिल्कुल डूब सा गया था...अब ब्राजील का महान फुटबालर "पेले" बन चुका होता हैं।                                                                              दरअसल बात ये हैं कि हम किसी तरह की बात अथवा हादसे को लेकर खुद को कोसते ही ना रहे और अपने ...

अवसरों और परिस्थितियों के असंभाव्य संयोजन बेहतरीन परिणाम पैदा करते हैं...

                     Post No. ''99''                    कईं बार अवसरों और परिस्थितियों के असंभाव्य संयोजन बेहतरीन परिणाम पैदा करते हैं।                                                 ये होता हैं कि किसी कार्य के नियोजन में उन अवसरों को समाहित करने से काम बन जाता हैं, जिनका प्रयोग असंभाव्य और मौजूदा परिस्थिति, जिनके बिल्कुल खिलाफ खड़ी होती हैं।...मगर एक दृढ़ निश्चय युक्त लिया गया निर्णय, कार्य को पूर्ण बनाता हैं और हमारी उस धारणा को भी तोड़ना हैं, जो हममें परम्परावादी सोंच एवं संकोच से उत्पन्न होती हैं।                    बहुत बार महत्वपूर्ण प्रयोजनों को पूर्ण करने के लिए संभव से दिखने वाले अवसरों पर गौर किया जाता हैं और इस गलतफहमी में असंभव से दिखने वाले लेकिन उपयोगी अवसरों को उनके असफल होने के भय से नजरंदाज कर दिया...