' Note-76' लोग...जो कभी आपके साथ चले थे...आपसे बातें करते थे और तुम्हें अपनेपन का अहसास कराते थे । और फिर जब कभी तुम्हारी जिंदगी में बुरा वक्त आया था और उसमें तुम्हें किसी के सहारे की जरुरत थी, तब ये तुम्हारा साथ छोड़कर तुमसे दूर चले गए थे वो मुँह फेरे बच - बचाकर निकल जाया करते थे । गोयाकि तुम संघर्षरत थे तथा इस बुरे दौर में भी अपने सपने को जी रहे थे पर वो इस बात को कभी महसूस नहीं कर पाए...वो तो बस तुम्हें नाकाम समझते थे उन्हें तुमसे कोई उम्मीद नहीं थी, मतलब तुम उनकी नजरों में किसी भी काम के नहीं थे...वे आगे बढ़ गए और तुम्हें पलटकर देखने की उन्होंने जरा भी जरुरत महसूस नहीं की । शायद इन मुश्किल हालातों में तुम्हें उन लोगों के थोड़े से साथ की जरुरत थी और तुम अपने लिए उनके मुंह से "Best of luck...And don't worry we are always with you." जैसे भाव भी सुनना चाहते थे...पर अफ़सोस! ...
'दबी-आवाज', मेरे द्वारा लिखी गई डायरी का संग्रह हैं,जिसमें मेरे लिखे विभिन्न विचार और संस्मरण है, जिन्हें मैं Blog के जरिए लोगों के सम्मुख लाना चाहता था l Hindi Blog, Hindi Article, हिंदी ब्लॉग, Hindi Writing, हिंदी लेख, Hindi Heart Touching Lines, Dard Bhari Lines, Hindi Blogging, हिंदी पंक्तियां, डायरी लेखन, Diary Writing, आलेख, संस्मरण, Sad Yaadein, Sad memories, यादें, Hindi Note, Hindi Personal Thought, Real Life Quotes, Life Lessons, हिंदी लेख, हिंदी विचार, Life Thought l SUDARSHAN ARYA