Note No.63 कभी-कभी चीजें जैसे टूटती हैं, वैसे जुड़ भी जाती हैं, फिर चाहे वो कुछ भी हो...रिश्ते, सपने, मनोबल, उम्मीदें या कुछ और...जोड़ना आना चाहिए...सबकुछ जुड़ जाता हैं।। बहुत बार चीजें सिर्फ इसलिए नहीं जुड़ती क्योंकि उन्हें जोड़ने का हुनर लोगों को पता नहीं होता।...सब खेल हुनर का ही हैं...हुनरमंद लोग कईं चीजों पर महारत हासिल कर लेते हैं...कितनी ही चढ़ाईंयाँ चढ़ जाते हैं...फिर चाहे दुर्गम पहाड़ों या Mount Everest(Himalaya) की अत्यंत ऊँची चढ़ाई ही क्यों न हो।। ...
'दबी-आवाज', मेरे द्वारा लिखी गई डायरी का संग्रह हैं,जिसमें मेरे लिखे विभिन्न विचार और संस्मरण है, जिन्हें मैं Blog के जरिए लोगों के सम्मुख लाना चाहता था l Hindi Blog, Hindi Article, हिंदी ब्लॉग, Hindi Writing, हिंदी लेख, Hindi Heart Touching Lines, Dard Bhari Lines, Hindi Blogging, हिंदी पंक्तियां, डायरी लेखन, Diary Writing, आलेख, संस्मरण, Sad Yaadein, Sad memories, यादें, Hindi Note, Hindi Personal Thought, Real Life Quotes, Life Lessons, हिंदी लेख, हिंदी विचार, Life Thought l SUDARSHAN ARYA