"Note No. 62"
मुझे शादी-पार्टी और विविध उत्सवों से हमेशा परहेज रहता था, उनमें शरीक होना कभी अच्छा नहीं लगता था और ना ही तब वहाँ लोगों के साथ व्यर्थ की गपशप करना या वहाँ जाके सबके सामने चाव से खाना, खाना ही मुझे कभी पसंद नहीं आता था। इस तरह ऐसे मौकों पर कभी-कभी मजबूरन ही मैं शामिल होता था।https://www.instagram.com/reel/CSmd5P3lLLL/?utm_medium=copy_link
बहुत कम मौकों पर मैंने लोगों को Anniversary, Wedding Anniversary की Blessings दी थी। बहुत कम या लगभग न के बराबर मैंने लोगों को उनका Birthday Wish किया था। ना ही मैंने कभी किसी को कोई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय दिन विशेष की बधाई अथवा शुभकामनाएं देना कभी जरूरी समझा!...बस कभी कभी मुझे लोगों के आए बधाई एवं Wishing Massages का जवाब देना होता था।
...Actually मुझे ये सारी चीजें कभी रास ही नहीं आई...मुझे ये सब हमेशा से व्यर्थ और बनावटी लगते थे...I Think ये सारी बातें बेमतलब,खोखली व समय की बर्बादी हैं...वैसे मैंने बहुत समय बर्बाद किया, पर वो अन्य कहीं और तथा अन्य स्थिति परिस्थितियों में...ऐसे मामलों में नहीं!
लोगों ने हमेशा से ऐसी चीजों से खुशियाँ पाने की कोशिश की, जबकि मैंने ख़ुशियों को कहीं और ढूंढा, पाया और महसूस किया था।...खुशियाँ व प्यार पाने और उनका इजहार करने के अन्य और कईं सारे तरीके हैं, जो हमेशा से Hidden ही रह गये...जोकि बेहतरीन थे!...पर अफ़सोस लोगों का उस तरफ कभी ध्यान ही नहीं गया!!
®©SD. Arya

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें