🔸Note No. ‘38’🔸
हॉस्टल में रहकर मैंने खूब TV देखा। हमारे वॉर्डन सर हॉस्टल के वॉचमेन से कहकर जाते थे कि रात 11 बजे से पहले TV बंद करवा देना...लेकिन हम इस हुक्म को मानने वालों में से कहाँ थे...हम देर रात तक टीवी देखते रहते थे । कईं बार हमारे वॉचमेन शास्त्री जी TV ऑफ कर देते थे और सभी को अपने - अपने कमरों में जाके सोने के लिए कहते थे। जब अधिकतर लड़के अपने कमरे में चले जाते थे...उसके बाद मैं और मेरे रूममेट तथा और भी कुछ लड़के आहिस्ता - आहिस्ता अपने कमरे से निकलकर आ जाते और फिर से टीवी चालू करके देखने लगते थे।
बहुत बार ऐसा होता था जब शास्त्री जी रात में बाहर घूमने निकलते और उस वक्त हम TV देख रहे होते तो हम उनकी आहट पाकर झट से टीवी बंद कर देते और कहीं छुप जाते या फौरन अपने कमरों में घुस जाते थे और उनके चले जाने के बाद फिर से टीवी देखने लग जाते...इस तरह हम उन्हें खबर तक नहीं होने देते कि हम tv के पास थे या उन्हें पता चल भी जाता तो भी हम tv के करीब रहते वक्त उनकी पकड़ में कभी नहीं आते थे। कभी - कभी तो हम सारी रात टेलीविज़न से चिपके रहते थे...सचमुच मुझे TV देखना बहुत अच्छा लगता था ।
©SD. Arya
बहुत बार ऐसा होता था जब शास्त्री जी रात में बाहर घूमने निकलते और उस वक्त हम TV देख रहे होते तो हम उनकी आहट पाकर झट से टीवी बंद कर देते और कहीं छुप जाते या फौरन अपने कमरों में घुस जाते थे और उनके चले जाने के बाद फिर से टीवी देखने लग जाते...इस तरह हम उन्हें खबर तक नहीं होने देते कि हम tv के पास थे या उन्हें पता चल भी जाता तो भी हम tv के करीब रहते वक्त उनकी पकड़ में कभी नहीं आते थे। कभी - कभी तो हम सारी रात टेलीविज़न से चिपके रहते थे...सचमुच मुझे TV देखना बहुत अच्छा लगता था ।
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