किसी का दिल तोड़ देना,बहुत बड़ा दोष होता है।मुझे हरवक्त सतर्क रहना पड़ता हैं कि मेरी बातों से, मेरे कार्यों से या मेरे व्यवहार से किसी की भावना आहत ना हो जाये।...सच्ची ! जब किसी का दिल दुखता है ना तो उसे बेहद तकलीफ होती है।
इंसान को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसकी वजह से कम से कम किसी का दिल ना टूटे।
...और...ये वास्तविकता है कि जब किसी का सच्चा दिल आहत होकर रोता है, तो प्रकृति में रहस्यात्मक बदलाव होते है और ये सब कुछ हर किसी की समझ के बाहर की बात हैं ,जिसे समझाया नहीं जा सकता...बस रहस्य को जानने-समझने वाला व्यक्ति ही इसे महसूस कर सकता है।
और मैंने अपने निजी जीवन में भी यह अनुभव किया है कि "कोई विशुद्ध हृदय यदि किसी दर्द में शिद्दत से तड़पकर रोता है, तो क़ायनात भी उसके प्रति अपनी हमदर्दी जताती हैं...वो भी उसके दर्द की साथिन होती हैं...!"
इंसान को हमेशा इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि उसकी वजह से कम से कम किसी का दिल ना टूटे।
...और...ये वास्तविकता है कि जब किसी का सच्चा दिल आहत होकर रोता है, तो प्रकृति में रहस्यात्मक बदलाव होते है और ये सब कुछ हर किसी की समझ के बाहर की बात हैं ,जिसे समझाया नहीं जा सकता...बस रहस्य को जानने-समझने वाला व्यक्ति ही इसे महसूस कर सकता है।
और मैंने अपने निजी जीवन में भी यह अनुभव किया है कि "कोई विशुद्ध हृदय यदि किसी दर्द में शिद्दत से तड़पकर रोता है, तो क़ायनात भी उसके प्रति अपनी हमदर्दी जताती हैं...वो भी उसके दर्द की साथिन होती हैं...!"
©Sudarshan Arya

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