Note No.'92'
जिंदगी में कुछ भी एकसमान नहीं रहता...समय के साथ सबकुछ बदल जाता हैं...खुशी-नाखुशी, दर्द...सबकुछ! परिवर्तन सृष्टि का नियम हैं, जो सब चीजों और बातों पर लागू होता हैं। हम जो कल थे...वो आज नहीं हैं...फिर आगे ऐसे नहीं होंगे।...हालात बदलते देर नहीं लगती...हम ख़ुद अपने हालातों को बद से बदतर और बेहतर से बेहतर बना देते हैं। ये हमीं पर निर्भर करता हैं कि हम स्वयं को लेकर क्या सोंचते हैं या हम ख़ुद को कितना महत्व देते हैं या ख़ुद को कितना प्यार करते है!
एक तरफ हम उस राह पर भी चल सकते हैं, जहां हमारा वजूद एकदम मामूली, खोखला और नगण्य बनकर रह जाता हैं, तो दूसरी तरफ हम वो रास्ता भी चुन सकते हैं, जो हमें बड़ी उपलब्धियों की ओर ले जाता हैं तथा हमें एक प्रभावशाली इंसान बनाता हैं।...हमें पता होना चाहिए कि हम क्यों और कहां जा रहे हैं अथवा क्या हासिल करना चाहते हैं।...हमें जान लेना चाहिए कि हम जीवन में क्या चुनते हैं और क्या नहीं!
©SD. Arya

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