मैंने अपनी माँ की आँखों में दर्द के आँसू देखें हैं...मुझे अच्छी तरह से याद है...जब वो अपने जीवन के कठिन पलों का जिक्र करते - करते अक्सर रो दिया करती थी...उसके चेहरे पर पर आहें स्पष्ट दिखाई पड़ती थी...और जब-जब वो किसी बात को लेकर रोने लगती थी, तो उसे देखकर मेरे भी आंसू निकल जाया करते थे...मैं खुद को रोने से रोक नहीं पाता था !!
©SD. Arya

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें