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मैं एक भव्य और सुंदर आशियाने का ख्वाब देखा करता था...वो कोई आम आशियाना नहीं था वो तो बेहद अहम और खास था...ये बहुत बड़ा और विशिष्ट शिल्पकला का परिचायक तथा विभिन्न कलाकृतियों से सुसज्जित था...वाकई ये खूबसूरत और कमाल का था...ये घर मेरी नियति का एक अहम हिस्सा था...जिसे मुझे किसी भी कीमत पर हकीकत में बदलना था...! मुझे इसे अपने लिये ना सही वरन् अपने पूरे परिवार के लिए बनवाना था...और मुझे तब तक चैन नहीं मिलेगा, जब तक कि मैं इसे एक दिन अपने तरीके से बनवा नहीं लेता...ये मेरा महत्वाकांक्षी सपना है जिसे मैं सच साबित करके ही रहूँगा...!

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