✴️Note – 78✴️
हम भारतीय, घातक अंधविश्वास से सरोबार समाज में रहते हैं...हर रोज इस समाज के घातक प्रहारों से कईं लोग प्रताड़ित शोषित होते हैं...अंधविश्वास और क्रूरतम रीतियों के वशीभूत कइयों ने अपनी ज़िंदगी की आहुतियां दी और आज भी दे रहें हैं।इस मौजूदा समाज के लोग अनर्थ युक्त अनर्गल बातों अथवा कामों व कर्मकांडों में निर्लिल्प रहते हैं । ये शुभ-अशुभ का ताना-बाना बुनते है, न जाने किन किन दोषों के असर से धमकाते हैं, ये विभिन्न भ्रम को उपजाते हैं तथा शनि के कुख्यात भय से लोगों को डराते हैं और खुद भी डरते हैं और यही लोग उन्नति की बातें करते हैं...गजब विरोधाभास हैं अवनति के गर्त में फंसे और फंसाने वाले लोग आखिर कैसे एक स्वस्थ समाज के विकास की परिकल्पना कर सकते हैं..? मसला शोकपूर्ण और चिंताजनक हैं..!
©SD. Arya
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