🔸Note No. 07🔸
जब मैं बहुत छोटा था और उस वक्त माँ और बाबूजी से जिद करने पर भी अपनी पसंद की कोई चीज़ या खिलौना नहीं मिलता, तो काफी रो लेने के बाद मैं मेरे लिए घर में रखी खाने की चीजें और अपना कोई पुराना खिलौना लेकर घर से बाहर निकल जाता था...वहां बाहर मैं अपनी चीजें मेरे संगी - साथियों के बीच मिल - बाँटकर खाता...पश्चात हम तरह - तरह के खेलों में व्यस्त हो जाते...और तब मुझे बेहद खुशी मिलती...वाकई बचपन बहुत प्यारा और मासूम होता हैं ।
©SD. Arya

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