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इस बाजी में तुम मेरा दिल जीत ले जाओ, बस यही तुम्हारे लिए काफ़ी हैं

                    *Article No.57*



                 दोस्ती में मेरे लिए कोई TERMS और CONDITIONS नहीं हैं, और ना ही कभी मैं इस तरह की कभी किसी से कोई आशा रखता हूँ।...याद रहे, दोस्ती में, मैं तुम्हें किसी भी तरह की बाध्यता या दबाव को कभी महसूस नहीं होने दूँगा...हाँ मगर शर्त ये हैं कि इस बाज़ी में तुम मेरा 'दिल' जीत ले जाओ...बस यही तुम्हारे लिए काफी हैं... हालाँकि ये तुम्हारे लिए मुश्किल और बेहद मुश्किल होगा, पर नामुमकिन तो नहीं!

              और किसी का दिल जीत लेना सृष्टि की महान उपलब्धियों में से एक हैं...बस ये इंसान पर निर्भर करता हैं कि वह इस काम को कैसे और किस निष्ठा और श्रद्धा भावना से पूरा करे अथवा इस संबंध में उसकी सोच और उसका दृष्टिकोण क्या हैं?!

               हाँ बिल्कुल, सच्ची मित्रता मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण और अत्यधिक मूल्यवान हैं, जिसके लिए मैं हरदम तत्पर एवं प्रतिबद्ध हूँ व अंततः निश्चय ही आखिर सांस तक यथोचित आत्मीय समर्पित भी!...बजाय इसके कि खोखली, दिखावटी, अवास्तविक, अवतल और झूठी दोस्ती मुझे कतई बर्दाश्त नहीं हैं!

                ...और दुष्ट प्रवृत्ति के लोग व उनकी कुटिल दोस्ती मुझे हमेशा सिर्फ व्याकुल, परेशान, बेचैन या पीड़ित और बेहद पीड़ित ही कर सकती हैं!!

                                                ©SD. Arya

                 

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